BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
आलेख: तो क्या करें बीबी बच्चों को छोड़कर कोरोना के साथ घर बसा लें - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Sunday, June 14, 2020

आलेख: तो क्या करें बीबी बच्चों को छोड़कर कोरोना के साथ घर बसा लें

चैतन्य भट्ट 

देश की केंद्र और तमाम  प्रदेश  की सरकारें कह रहीं है कि अब आपको कोरोना के साथ रहना सीखना होगाl जब से ये बात  सुनी  है तब से भारी 'कन्फ्यूजन' सा हो गया है  कि आखिर कोरोना के साथ कैसे रहना है, अभी तक तो  हम   अपने  बीबी, बच्चो और परिवार के साथ  रहते आये हैं,  अब ये नया प्राणी 'कोरोना' कँहा  से आ गया जिसके साथ हमें  रहना  हैl एक तरफ मंहगाई के कारण परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा है दूसरी तरफ सरकार कह रही है कि  कोरोना को अपने साथ रखोl मान लिया हुजूर आपकी बात मान भी लें तो इस नए 'मेंबर'  के रहने खाने पीने का  खर्चा कौन  उठाएगा,सरकार   का क्या है जब  कुछ नहीं सम्भलता है तो सारा ठीकरा  जनता  के सर फोड़ देती है पहले  कहती थी  हम कोरोना का डट कर  मुकाबला करेंगे, आप लोग घबराओ मत, अब जब  कोरोना  ने अपना  विकराल रूप दिखाया तो अपनी पूंछ अंदर  कर  ली और जनता से कह दिया  कि अब आप लोगों को  कोरोना  के साथ ही रहना सीखना होगा, अब आप ही बताओ कि क्या करें, कोरोना कोई छोटा बच्चा तो है नहीं कि उसके कान  पकड़  कर  घर ले आएं, कोरोना कंही दिखे तोl उसे सरकार की बात मानकर घर पर बुला भी लें, एकाध कमरा उसको दे भी दें, बिस्तर भी लगा  दें राशन कार्ड में उसके नाम की ही एंट्री भी करवा दें  पर वो भाईसाहब कहीं  दिखे तोl, कंही  भी कभी भी प्रगट हो जाता है अब उसको खोजें  तो कैसे खोजें  अपने को  तो लगता है की एकाध  विज्ञापन उसके लिए देना होगा कि 'प्यारे कोरोना तुम जंहा कही भी हो तत्काल  से पेश्तर हमारे पास आ जाओ क्योंकि   हमें तुम्हारे साथ रहने का सरकारी हुकुम मिला है'' यदि कभी चेकिंग हो गयी और तुम  साथ नहीं मिले  तो हो सकता है सरकार  जुरमाना ठोंक दे, अंदर कर दें, न कहो सरकार की बात न मानने पर 'देशद्रोह का मुकदमा' ही ठोंक दें इसलिए 'हे कोरोना महाराज' अपना 'परमानेंट अड्रेस' दे दो ताकि हम वंहा जाकर तुम्हे पूरे सम्मान के साथ 'पालकी' में  बैठाकर अपने घर ले आये और तुम्हारे साथ रहने का अनुबंध भी कर लेंl सरकार का तो जोर तो इतना ज्यादा है कि कई बार तो ऐसा लगता है कि अपने  बीबी बच्चों को छोड़कर तुम्हारे साथ ही घर बसा लें   क्योकि बीबी  से ज्यादा और किसी का साथ नही होता  पचीसों साल हो जाते है उसके साथ रहते रहते, लेकिन सरकार के हिसाब से लगता है तुम उसके 'सब्स्टीट्यूट'  के रूप में आ गए होl

No comments:

Post a Comment