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Sunday, June 7, 2020

मास्क न लगानेे पर 100 रुपये व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर 500 रुपये जुर्माना

क्या जिला प्रशासन अनलॉक-2 में सख्ती करेगा?
मास्क न लगानेे पर 100 रुपये व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर 500 रुपये जुर्माना
रात्रिकालीन कर्फ्यू का हो रहा खुलेआम उल्लंघन, पुलिस बनी मूकदर्शक


रेवांचल टाइम्स - अनलॉक-2 में आठ जून से शहर के सिंगल ब्रांड और मल्टी ब्रांड मॉल्स खोले जाने की तैयारी के निर्देश केन्द्र सरकार ने दिये है, लेकिन यह इस पर निर्भर करेगा कि अनलॉक-1 में दी गई छूट में लोगों ने कितना अनुशासन का पालन किया। सभी मॉल संचालकों ने अनलॉक-2 में कितनी तैयारी की है, औऱ केन्द्र सरकार के द्वारा बताए गए नियमों व निर्देशो का पालन करने के लिए तैयार है। सभी को केंद्र सरकार की एडवाइजरी का पालन करना होगा। जिला प्रशासन अनलॉक-2 में दिये गए निर्देशों की तैयारी कर सिंगल व मल्टी ब्रांड मॉल्स खोलने की अनुमति देगा?

अनलॉक-2 में जिला प्रशासन सख्ती बरतेगा?

अनलॉक-2में जिला प्रशासन सख्त रवैया अपनाकर सोशल डिस्टेंस व मॉस्क नहीं लगाने व दुपहिया, चार पहिया वाहनों के खिलाफ सख्ती कर जुर्माना करेगा? शहर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने पर 500 रुपए और मास्क नहीं पहनने पर 100 रुपए का जुर्माना करने का प्रावधान हैं। एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस व नगर निगम, नगर पालिका को भी यह जुर्माना वसूलने के अधिकार दिए गए हैं। इसके अलावा राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर लगाए गए 1000 रुपए के फाइन पर भी सख्ती की जाएगी।

रात्रिकालीन कर्फ्यू में भी सख्ती नहीं

रात्रिकालीन कर्फ्यू 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू किया है, किन्तु शहर में ऐसा लगता ही नहीं है कि कर्फ्यू लगा हुआ है। कर्फ्यू का पालन पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं करवाया जा रहा है और रात्रि में भी आम लोग खुलेआम चहलकदमी करते रहते हैं और उस दौरान न तो सोशल डिस्टेंस का पालन करते हैं और न ही मॉस्क पहनते हैं और एकसाथ झुंड के रूप में चार पांच लोग आदर्श सड़क, घोड़ा चौपाटी, बस स्टैंड, कुम्हार गड्डा, राजवाड़ा आनंद चौपाटी, मोहन टॉकीज चौराहे पर बैठे व घूमते हुए नजर आ रहे हैं। इन लोगों को पुलिस कर्मियों द्वारा न तो रोका जाता है और न ही कोई पूछताछ की जाती हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा सिर्फ दिखावे के लिए कागज पर रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाया गया है जिसका पालन भी नहीं करवाया जा रहा है।

दुकानों को खोलने के लिए रोटेशन पद्धति

जिला प्रशासन द्वारा बाजार में दुकानें खोलने के लिए रोटेशन पद्धति लागू की गई है। एक दिन बाएं तरफ औऱ दूसरे दिन दाई तरफ की दुकानों को खोलने के लिए प्रशासन ने आदेश जारी किया है किंतु उक्त आदेश का भी पालन नहीं किया जा रहा है, शासन के आदेशों का पालन सख्ती से करवाया जाय तो कोरोना महामारी को रोका जा सकता है अन्यथा कागजों3दिखावे के लिए नियम तो लागू कर दिये गए हैं और उनका पालन न करवा पाना जिला प्रशासन की असफलता हैं।

कोरोना महामारी में भी स्थानीय छुटभैये नेता कर रहे राजनीति

      सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना जैसी महामारी में नगर के छुटभैये नेता कर रहे है राजनीति इन छुटभैये नेताओं को शर्म आनी चाहिए! दुकानों को खोलने के लिए शासन के नियमों का पालन नहीं करते हुए छुटभैये नेता राजनीति कर रहे हैं और दुकानों को खुलवाया जा रहा है। अपनी नेतागिरी की धौंस जमाकर दुकानों को दोनो तरफ की खुलवाई जा रही हैं। ऐसे छुटभैये नेताओं को शर्म आनी चाहिए जो कोरोना जैसी महामारी में राजनीति कर रहे हैं, ऐसे नेताओं पर धिक्कार हैं और ये नेता जनप्रतिनिधि न होते हुए समाज के दुश्मन बन गये हैं! यह अपना उल्लू सीधा कर स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं, यह लोग जनसेवक नहीं जनता के दुश्मन बनकर उनकी जान माल से खिलवाड़ कर रहे हैं। अभी ऐसा ही मामला नगर के नेता के यहाँ कोरोना पॉजिटिव आने के बाद देखने को मिला और प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर अपनी दुकानें खोलने का दवाब प्रशासन पर बनाया गया था। प्रशासन ने इस छुटभैये नेता की एक न सुनी और दुकानों पर अर्थदंड की कार्यवाही करते हुए दुकानों को सील करने के लिए कहा तब जाकर दुकानों को बंद किया गया। नेताओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी कि नागरिकों के हित में कार्य करे और प्रशासन को आगे आकर सहयोग प्रदान करें और जागरूकता का परिचय देकर जनता के सच्चे सेवक बनकर कार्य करें। ये पब्लिक है सब जानती हैं, सिर पर बिठाने के बाद नीचे पटकना भी जानती हैं।

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