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Thursday, May 21, 2020

अमानक स्तर के सेनेटरी पैड पर प्रतिबंध के लिए ऑनलाईन पिटीशन अभियान

माहवारी की चुनौतियों के बारे में जागरूकता के लिए आयोजित किया जा रहा है ऑनलाईन महोत्सव



22 मई से 28 मई 2020 तक आयोजित किये जायेंगे विविध कार्यक्रम



मण्ड़ला। माहवारी स्वच्छता दिवस (एमएचडे) विश्व भर की महिलाओं और लड़कियों में माहवारी के कारण सामना की जाने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूकता प्रसारित करने और इन चिन्हित समस्याओं के समाधान को उजागर करने के लिए प्रतिवर्ष 28 मई को आयोजित किया जाता है।
एमएचडे की शुरूआत वर्ष 2013 में वैश्विक संस्था WASH International द्वारा की गई थी और इस दिवस को पहली बार 28 मई 2014 को मनाया गया था। वैश्विक स्तर पर कार्यक्रम का संयोजन MH Secretriat/WASH International के द्वारा किया जाना है। स्वयंसेवी संस्था PJVCVPAK अपने संवर्धनी अभियान के अंतर्गत मण्डला जिले में वर्ष 2014 से MH Day का आयोजन कर रही है।

संर्वधनी अभियान के अंतर्गत संस्था इस वर्ष कोविड-19 संक्रमण के कारण 22 मई से 28 मई तक ऑनलाईन महोत्सव आयोजित कर रही है जिसको MH Secretriat/WASH International ने अनुमोदित किया है (International Event ID: 217516)।   

एक सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में लोग अमानक स्तर के सेनेटरी पैड पर प्रतिबंध के लिए ऑनलाइन साइन कर सकते हैं। संर्वधनी ने यह पिटीशन ऑनलाइन प्लेटफार्मं पर सार्वजनिक कर दिया है। याचिका में कहा गया है कि किशोरियों और महिलाओं द्वारा माहवारी के दौरान माहवारी शोषक के रूप में कई साधनों का उपयोग करती है। सेनेटरी पैड उनमें से एक है। सेनेटरी पैड की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा आईएस-5405 के रूप में सख्त विनिर्देष तैयार किए गए है जिसमें सेनेटरी पैड विनिर्माण मानदंडों और नियमों का विस्तृत विवरण है जिसका सेनेटरी पैड निर्माताओं को पालन करना आवश्यक होता है। विगत वर्षों से देखा जा रहा है कि चीन एवं अन्य देशों से आयातित सस्ते सेनेटरी पैड भारतीय ब्रांड के नाम से पैक कर सप्लाई किए जा रहे हैं। देश में निर्मित सेनेटरी पैड को भी रिपैक/रिब्रांड कर सप्लाई किया जा रहा है। इनमें से कई ब्रांड अमानक स्तर के पाए गए हैं। अमानक सेनेटरी पैड के उपयोग से जलन, मूत्र संक्रमण इत्यादि और गर्भाशय कैंसर तक हो सकता है।

ऑनलाइन याचिका में मांग की गई है कि:
- देश में अमानक सेनेटरी पैड के आयात पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।

- भारत में निर्मित या आयातित सेनेटरी पैड को भारतीय मानक ब्यूरो आईएस-5405 के मानक पर खरा उतरने पर ही बिक्री/सप्लाई की अनुमति दी जाए।

- सेनेटरी पैड के रिपैकिंग और रिब्रांडिग के लिए कानूनी प्रोटोकाॅल जारी किया जाए।

- सेनेटरी पैड की पैकिंग पर निर्माता द्वारा IS-5405 के अनुसार पैरामीटर्स को अनिवार्य रूप से स्पष्ट उल्लेखित किया जाये।

संवर्धिनी अभियान के दौरान लोग फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया पर:
- अपने दोस्तों को MH कैम्पेन इवेंट में टैग कर सकते हैं।

- सोशल मीडिया पर अपने सेल्फी मैसेज पोस्ट कर सकते हैं।

- 13 से 35 वर्ष की किशोरियों और युवतियों को बदलाव के वाहक ‘‘संर्वधनी‘‘ के रूप में नामांकित कर सकते हैं।

इन कार्यक्रमों में सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों को संस्था द्वारा डिज़िटल प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा। संर्वधनी के रूप में चयनित किशोरियों और युवतियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन और विविध आजीविका कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा।

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