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Wednesday, May 27, 2020

मंडला: जिला मुख्यालय में अवैध रूप से मादक पदार्थ की हो रही धड़ल्ले से बिक्री

शासन द्वारा ऐसा आदेश जारी न करें जिसका पालन ना हो

आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में कोरोना वायरस के चलते जहाँ पूरे देश मे लॉकडाउन के समय व लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद भी मादक पदार्थों की बिक्री घर से लेकर दुकान के अंदर चोरी-छिपे धड़ल्ले से की रही हैं।और वर्तमान में भी मादक पदार्थ तंबाखू गुड़ाखू,बीड़ी, सिगरेट गांजा की काला बाजारी की जा रही है।बता दें कि बहुत से छोटे व्यापारियों के द्वारा बताया गया कि थोक विक्रेताओं के द्वारा महंगे दामों में सामग्री दी जा रही है जिसके चलते छोटे व्यापारी भी महंगे दामों में बेच रहे हैं।05 रुपए की गुड़ाखू  को 25 रुपए में बेची जा रही है,और 10 रुपए के सिगरेट को 15 रुपए में बेची जा रही हैं।300 सौ रुपये में बिकने वाली तंबाखू को 500 सौ रुपये किलो में बेची जा रही हैं, और 10 रुपए के गुटखे को 20 रुपये में बेचे जा रहे हैं।व्यसन करने वाले शौकीन व्यक्तियों के द्वारा विक्रेताओं के घर से लाकर उपयोग किया जा रहा है।रोजी-रोटी के अभाव में अगर ऐसे गलत कार्य चोरी-छिपे कर भी रहे हैं तो आम जनों को सही दामों में बेचना चाहिए।ऐसे विक्रेताओं के द्वारा गलत काम कर अपनी झोली तो भर रहे हैं परंतु आमजनों की झोली को को लूटा जा रहा है। मादक पदार्थों के अलावा ऐसी बहुत सी सामग्री है जिसको थोक विक्रेताओं के द्वारा महंगे दामों में बेचे जा रहे हैं। वही अब सूत्रों की मानो तो तम्बाखु में आवक में कमी के चलते दुकानदारो ने तम्बाखू में लकड़ी का बुरादा तक मिलना चालू कर दिए जिससे ज्यादा मात्रा दिखे इनके द्वारा मिलावटी तम्बाखु से लोग की सेहत और तरह तरह की बीमारियां भी हो रही और तंबाखू में सबसे ज्यादा मिलावट कर महंगे दामों में बेचे जाने की जानकारी मिल रही है रही।
तंबाखू में लकड़ी के बुरादे तंबाकू के डंठल भी मिलाकर 400 सौ से लेकर 500 सौ रुपए में बेचे जाने की जानकारी कुछ व्यापारी के द्वारा बताई जा रही है।जबकि प्योर तंबाकू की कीमत 300 सौ रुपए किलो बताई जा रही हैं।और थोक विक्रेताओं के द्वारा फुटकर विक्रेताओं को तंबाकू के डंठल लकड़ी का बुरादा मिक्चर कर तंबाकू को 400 सौ लेकर 500 सौ रूपए किलो चोरी-छिपे बेची जा रही हैं।और मानव के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जब शासन के द्वारा ऐसी मादक पदार्थों की बिक्री में वर्तमान में रोक लगाई गई है तो शासन के नियमों का पालन व्यापारीयों के द्वारा क्यों नहीं किया जा रहा है।ऐसे व्यापारी पैसों की लालच में इतने अंधे हो जाते हैं कि मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करना नहीं छोड़ते।

रेवांचल टाइम्स से पवन राय की रिपोर्ट मंडला

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