गांधी-शास्त्री जयंती पर कांग्रेस का कार्यक्रम, डॉ. अशोक मर्सकोले बोले—सत्य, अहिंसा और सादगी अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि
गांधी मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण; संविधान, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का लिया संकल्प
दैनिक रेवाँचल टाईम्स, मंडला। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को गांधी मैदान में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले सहित कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने सामूहिक रूप से “रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम” भजन का गायन किया। वक्ताओं ने गांधी के सत्य, अहिंसा और सर्वधर्म समभाव तथा शास्त्री की सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा से जुड़े विचारों का उल्लेख किया।
डॉ. अशोक मर्सकोले ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा का संदेश केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि समाज और सार्वजनिक जीवन के लिए आज भी मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा भी सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा है।
नफरत और वैमनस्य के बीच गांधी के विचारों की जरूरत बताई
डॉ. मर्सकोले ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में जब नफरत, विभाजन और वैमनस्य की स्थितियां दिखाई देती हैं, तब गांधी के भाईचारे, सहिष्णुता और अहिंसा के विचारों का महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि विचार, संवाद, संविधान और जनभागीदारी के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
शास्त्री की सादगी और “जय जवान, जय किसान” का किया उल्लेख
डॉ. मर्सकोले ने लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए कहा कि उनकी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना आज भी प्रेरक है। उन्होंने शास्त्री के “जय जवान, जय किसान” संदेश का उल्लेख करते हुए जवान और किसान के सम्मान को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ा।
डॉ. मर्सकोले ने कहा कि कांग्रेस गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग में विश्वास रखती है। उन्होंने नाथूराम गोडसे के महिमामंडन का वैचारिक और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की बात कही तथा जोर दिया कि किसी भी विचार का मुकाबला संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
मताधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा का संकल्प
अपने संबोधन में डॉ. मर्सकोले ने मतदाता के स्वतंत्र मताधिकार को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष की ओर से जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उन पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखती रहेगी।
गांधी का सत्य हमारा मार्गदर्शन है,
शास्त्री की सादगी हमारी प्रेरणा है,
संविधान हमारा संकल्प है
और लोकतंत्र हमारी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेश कच्छवाह, अमित शुक्ला, संगठन महासचिव राजेंद्र राजपूत, कांग्रेस प्रवक्ता संजय चौरसिया, नगर अध्यक्ष एडवोकेट रजनीश रंजन उसराठे, युवा कांग्रेस अध्यक्ष संजू अहिवार, सेवादल अध्यक्ष संतोष भलावी, विवेक दुबे, रवि ठाकुर, आशीष जैन पड़वार, गिरधारी लाल निखर, संजय वाल्मीकि, अमन लाहोरिया, राधा गुप्ता, धनेश्वरी कुशराम, रेशमा अल्वी, रोहिणी स्वरूप, कछवाहा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
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