नैनपुर में नशे और सट्टे के कथित कारोबार पर सवाल, रेलवे कॉलोनी के खंडहरों की जांच की मांग
दैनिक रेवांचल टाइम्स | नैनपुर

नैनपुर में गांजा, सूखे नशे, सट्टे और अवैध शराब के कथित कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। रेलवे स्टेशन के सामने रेलवे कॉलोनी, क्रमांक-13, पूजा पंडाल, रेलवे ट्रेनिंग सेंटर और रेलवे हॉस्टल के आसपास नशे के सेवन की शिकायतें सामने आई हैं। लोगों ने आरपीएफ, जीआरपी और नैनपुर पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आरोपों की पुष्टि जरूरी: स्थानीय लोगों और सूत्रों के हवाले से सामने आए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कथित आपूर्ति नेटवर्क, संरक्षण और लेन-देन से जुड़े आरोपों की पुलिस जांच आवश्यक है। किसी व्यक्ति को बिना प्रमाण दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
रेलवे के पुराने आवासों में नशे के सेवन का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे विभाग के पुराने और खंडहर हो चुके आवासों को कुछ युवाओं ने नशे का अड्डा बना लिया है। यहां प्रतिदिन युवाओं का जमावड़ा लगने और गांजे सहित अन्य सूखे नशे का खुलेआम सेवन किए जाने की बात कही जा रही है। शिकायतों के अनुसार, स्थानीय युवाओं के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नौजवान भी यहां पहुंचते हैं।
क्षेत्र में सक्रिय एक व्यक्ति के माध्यम से युवाओं तक नशा पहुंचने की आशंका भी स्थानीय लोगों ने जताई है। उन्होंने उस व्यक्ति की भूमिका की जांच की मांग की है। हालांकि, इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आरपीएफ, जीआरपी और सिटी पुलिस की निगरानी पर सवाल
रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में स्टेशन और रेलवे कॉलोनी के आसपास नशे के सेवन तथा संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि खंडहर आवासों में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां हो रही हैं, तो आरपीएफ और जीआरपी की गश्त तथा निगरानी में उनका पता क्यों नहीं चल रहा है। रेलवे सीमा से बाहर के क्षेत्रों में नैनपुर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
स्थानीय सूत्रों ने नगर में सैकड़ों लोगों द्वारा गांजे और सूखे नशे का सेवन किए जाने का दावा किया है। इस संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। नशे की लत में फंसे युवाओं के पैसे के लिए चोरी, लूट या अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की आशंका भी जताई गई है; इसे किसी घटना की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
आपूर्ति नेटवर्क, सट्टे और अवैध शराब की जांच की मांग
लोगों ने गांजा और अन्य मादक पदार्थों की आपूर्ति कहां से हो रही है तथा इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं, इसकी जांच की मांग की है। कथित स्थानीय नेटवर्क, बिचौलियों और संरक्षण देने वालों की भूमिका की निष्पक्ष पड़ताल की जरूरत भी जताई गई है।
स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि नगर से लेकर गांवों और कस्बों तक सट्टा-पट्टी लिखी जा रही है। दावा है कि अधिकांश पट्टियां टेलीफोन और मोबाइल के माध्यम से नैनपुर में बैठे कथित खाईबाज तक पहुंचाई जाती हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि इन ठिकानों की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नजर नहीं आती। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
नगर के अनेक ढाबों और कुछ दुकानों पर आसानी से शराब उपलब्ध होने तथा शाम होते ही ढाबों में शराब के सेवन की गतिविधियां बढ़ने के आरोप भी लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने इन स्थानों की जांच और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
कथित लेन-देन और मध्यस्थता के आरोप
नाम न छापने की शर्त पर एक स्थानीय युवक ने बताया कि कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कारोबारियों से मासिक लेन-देन और कुछ स्वयंभू पत्रकारों को खर्चा-पानी दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। इनके संबंध में स्वतंत्र जांच कर तथ्य सामने लाने की मांग की गई है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ स्वयंभू समाजसेवी और पत्रकार थाने के आसपास तथा परिसर के बाहर होटलों में बैठकर आने-जाने वालों पर नजर रखते हैं। कुछ लोगों पर अवैध कारोबारियों और पुलिस के बीच कथित मध्यस्थता करने का प्रयास करने के आरोप भी हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली या कार्रवाई की जानकारी अवैध कारोबारियों तक पहुंचाए जाने की आशंका की जांच की मांग की गई है।
नैनपुर में सट्टे, अवैध शराब, सूखे नशे और डीजल चोरी जैसी गतिविधियों को लेकर भी चर्चाएं सामने आने की बात कही गई है। इन चर्चाओं और आरोपों को जांच के बिना स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
करीब चार माह पहले कार्रवाई का दावा
सूत्रों के अनुसार, करीब चार माह पूर्व रेलवे स्टेशन क्षेत्र में आरपीएफ ने गांजा पकड़े जाने के बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। स्थानीय लोगों ने कहा है कि यदि उसी क्षेत्र में नशे का सेवन और संदिग्ध गतिविधियां जारी हैं, तो पूर्व कार्रवाई के परिणामों की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने जांच को कथित आपूर्ति करने वालों तक पहुंचाने की मांग की है।
संयुक्त अभियान और जवाबदेही की अपेक्षा
स्थानीय लोगों ने मंडला पुलिस अधीक्षक से अपेक्षा जताई है कि नैनपुर में गांजा और सूखे नशे की आपूर्ति, सट्टे, अवैध शराब, रेलवे कॉलोनी के संदिग्ध ठिकानों तथा कथित बिचौलियों और संरक्षण संबंधी आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
लोगों ने आरपीएफ, जीआरपी और नैनपुर पुलिस से संयुक्त अभियान चलाकर वास्तविक स्थिति सामने लाने तथा जांच के आधार पर संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।