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दूसरे दिन भी सुनवाई नहीं, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के विरोध में महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना जारी

दैनिक रेवाँचल टाईम्स | मंडला

दूसरे दिन भी सुनवाई नहीं, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के विरोध में महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना जारी

13 गांवों की महिलाओं ने एजेंटों पर दबाव और वसूली के गंभीर आरोप लगाए; जांच और राहत मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

महिलाओं का आरोप— एक साथ कई माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से कर्ज दिए गए, अब वसूली के लिए घर-घर पहुंच रहे एजेंट

मंडला। जिले में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों एवं बैंकों की कथित अवैध वसूली के विरोध में महिलाओं का आंदोलन शुक्रवार को दूसरे दिन भी कलेक्ट्रेट मार्ग स्थित धरना स्थल पर जारी रहा। अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।


4-5 संस्थाओं से कर्ज दिए जाने का आरोप

धरने पर बैठी महिलाओं का आरोप है कि करीब तीन-चार वर्ष पहले निम्न आय वर्ग की ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति का पर्याप्त आकलन किए बिना कई महिलाओं को एक साथ चार-पांच माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं से कर्ज दिया गया। महिलाओं के मुताबिक उस समय उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार राशि जमा करने की बात कही गई थी।

महिलाओं का आरोप है कि अब अलग-अलग संस्थाओं के एजेंट लगातार उनके घर पहुंचकर भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कुछ एजेंटों पर घरों के भीतर पहुंचकर परिवार के सदस्यों को परेशान करने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

एक महिला को जबलपुर ले जाने का भी आरोप

आंदोलनकारी महिलाओं ने दावा किया कि हाल ही में एक महिला को कंपनी से जुड़े लोग जबलपुर ले गए। उनका यह भी आरोप है कि वसूली के दबाव और भय के कारण कुछ महिलाएं घर-परिवार छोड़कर चली गई हैं। इन गंभीर आरोपों की प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से जांच की मांग की गई है।

13 गांव
प्रभावित होने का दावा
दूसरा दिन
धरना जारी
अनिश्चितकालीन
आंदोलन का ऐलान
कंपनियों की जांच और महिलाओं को राहत देने की मांग

महिलाओं ने जिला प्रशासन से माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं और उनके वसूली तंत्र की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कर्ज, जमा की गई राशि और बकाया रकम का स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध कराया जाए तथा यदि किसी स्तर पर नियम विरुद्ध वसूली या प्रताड़ना सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी-बिजली और रोजगार के मुद्दे भी उठाए

आंदोलनकारी महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस के मुद्दे के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, रोजगार और अवैध शराब से जुड़ी समस्याओं के समाधान की भी मांग रखी है। महिलाओं का कहना है कि ग्रामीण परिवारों की बुनियादी समस्याओं का समय पर समाधान होने से आर्थिक संकट और कर्ज पर निर्भरता को कम करने में मदद मिल सकती है।

महिलाओं ने कई संस्थाओं के नाम बताए

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अपने बयान में फिनकेट, स्वतंत्र कंपनी, बंधन बैंक, रोटींग कंपनी, बीएसएस कंपनी, उत्कृष्ट कंपनी, एसबी सियाल कंपनी, भारत फाइनेंस कंपनी, अन्नपूर्णा कंपनी और दिशा कंपनी सहित कई संस्थाओं के नाम लिए हैं। महिलाओं का दावा है कि ऐसी कई अन्य संस्थाएं भी क्षेत्र में सक्रिय हैं और जमा की गई राशि का पूरा लेखा-जोखा उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है।

स्पष्टिकरण: खबर में उल्लिखित कंपनियों/संस्थाओं के संबंध में लगाए गए आरोप आंदोलनकारी महिलाओं के बयान पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र अथवा प्रशासनिक पुष्टि इस समाचार में स्थापित नहीं की गई है। संबंधित संस्थाओं का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना उचित होगा।

“समाधान नहीं होने तक जारी रहेगा धरना”

धरने का नेतृत्व कर रहीं समाजसेवी कलिया बाई कोकड़िया ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। आंदोलन को लोक परोपकारी मंच का भी समर्थन मिलने की बात कही गई है।

शुक्रवार को धरना स्थल पर मुख्य रूप से बनियातारा, रसैयादोना, कुड़ा, देवरी और निंधानी की महिलाएं मौजूद रहीं। आंदोलनकारियों की नजर अब जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है।

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मंडला | माइक्रो फाइनेंस के विरोध में महिलाओं का आंदोलन

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