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Monday, December 12, 2022

जनपद पंचायत उपाध्यक्ष के पति और बेटे खुल के कर रहे है, मनरेगा की नाली निर्माण कार्यो में गुणवत्ताहीन ठेकेदारी...



रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिले मंडला में भ्रस्टाचार के नए नए रूप देखने को आसानी से जगह जगह मिल जाएंगे जिले की जनता जिन्हें अपना मत देकर जिन्हें अपना नेता चुनी है वो तो दूर दूर तक नजर नही आते है। हाँ उनके पति बेटे और प्रतिनिधि जरूर उनकी भूमिका निभाने सामने रहते है। वही भुआ बिछिया की जनपद पंचायत की उपाध्यक्ष के पति इन दिनों खुले के ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्य करवा रहे है और उनके बेटे भी कुछ कम नही है जनपद उपाध्यक्ष के पति और बेटे को अब ग्राम पंचायतों में खुलके  ठेकेदारी करने का अवसर मिला है क्योंकि की उनकी पत्नी जो जनपद की उपाध्यक्ष की कुर्सी आसीन है अब उनके पति और बेटे को कौन सी पंचायत काम नही देगी वही जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत  माधोपुर में वर्तमान में मनरेगा से नाली निर्माण कार्य चल रहा है जहाँ उस कार्य को जनपद उपाध्यक्ष के पति और बेटे की देख रेख में किया जा रहा है ग्राम पंचायत निर्माण एजेंसी है और एजेंसी को ज्यादा कुछ नही पता है।


            वही आये दिन खुले मंच से प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते हैं कि भ्रष्टाचार कोढ़ की तरह है। इसे पूरी तरह समाप्त करना है। फिर भी आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में जमकर खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है और भ्रष्टचार के मामले प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जमकर सुर्खियां बना हुआ है। इसके बाद भी भ्रष्टाचार में अंकुश नहीं लग रहा है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता हीन और भ्रष्टाचार का मामला जनपद पंचायत बिछिया के अधिनस्थ आने वाली ग्राम पंचायत माधोपुर में हो रहा है। जनपद पंचायत बिछिया की उपाध्यक्ष के पति और बेटे के द्वारा मनरेगा के कार्यों को ठेकेदारी प्रथा से कराया जा रहा है और मंडला के समीपस्थ ग्राम पंचायत खैरी के राज मिस्त्री और मजदूरों को ले जाकर ग्राम पंचायत करिया गांव और माधोपुर में होने वाले जन हितेषी नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जिससे ग्राम पंचायत माधोपुर के स्थानीय मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते स्थानीय मजदूर मंडला जिले से दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर है।


स्टीमेट और ड्राईंग के विपरीत कराया जा रहा है गुणवत्ता विहीन नाली निर्माण,


बता दें कि ग्राम पंचायत माधोपुर में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे नाली निर्माण की जानकारी न सरपंच को है और न सचिव को  बड़े ही तजुब कि बात है कि अगर कुछ जानकारी तो केवल रोजगार सहायक धनेश्वर पटैल को है जिसने बतलाया कि जो नाली निर्माण कार्य चल रहा है वो मनरेगा योजना से स्वीकृत है, स्वीकृति लगभग उन दोनों कार्य की 10 लाख की जो कि अनुराग गोयल की दुकान से पुलिया तक जिसकी स्वीकृति लगभग दूसरी नाली का निर्माण मंशा की दुकान से प्यारे लाल के घर तक जिसकी स्वीकृत लगभग 4.72 लाख की  राशि से कार्य कराया जा रहा है और आपको कुछ और जानना है तो उपाध्यक्ष अर्चना मैडम के पति दिनेश पटैल जी से बात कर लीजिये हम अभी बाहर है, वही मौके जो निर्माणधीन कार्य गुणवत्ता हीन नाली/ का निर्माण कराया जा रहा है। नाली के निर्माण कार्य में घटिया अर्थ वर्क कर, बगैर सरिया के जाली विछाए लोहे की सरिया को कंक्रीट में खड़ा कर कंक्रीट किया जा रहा है। जिसकी बानगी फोटो और मौके स्थल पर देखी जा सकती है। जिसके चलते ग्राम पंचायत में होने वाले जन हितेषी व हितग्राही मूलक निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है, और ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव अपना परसेंट लेकर अच्छी खासी मुद्राएं अर्जित कर रहे हैं। जब निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत है फिर जनपद पंचायत बिछिया की उपाध्यक्ष के पति और बेटे नाली निर्माण कार्य को ठेका मे लेकर बाहर के मजदूरों को लाकर नाली का निर्माण कार्य क्यो कराया जा रहा है। ऐसी क्या मजबूरी है सरपंच, सचिव की जो निर्माण कार्य को ठेका में कराया जा रहा है। जिससे स्पष्ट है कि बाहर के मजदूरों को नगद भुगतान कर ग्राम पंचायत के स्थानीय निवासियों को मजदूरों के नाम से फर्जी तौर से मस्टरोल भरकर राशि आहरित कर बंदर बांट कर ली जायेगी।


सूचना देने के बाद भी जिम्मेदार नहीं पहुंचते स्थल पर

       उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत माधोपुर में चल रहे घटिया नाली निर्माण कार्य की जानकारी स्थानीय प्रबुद्ध जनों के द्वारा सीईओ, एसडीओ और उपयंत्री को देने के बाद भी मौके स्थल पर नहीं पहुंचते। जबकि उपयंत्री की अनुपस्थिति में नाली का निर्माण कार्य हो रहा है। और मौके से उपयंत्री नदारद रहती है वही ग्रामीणों ने बताया की जिनको भी पंचायतों से सबंधित कार्य करवाना होता है वो उपयंत्री मेडम के घर फ़ाइल लेकर जाते है मैडम घर और सभी गुणवता चेक कर उन कार्यो का मूल्यांकन कर अपनी जिम्मेदारी निभा देती है और जनपद बिछिया में सब इसी प्रकार से चल रहा है न कोई देखने वाला है न सुनने वाला है। जबकि जनपद स्तर पर एसडीओ, सीईओ को शासन द्वारा चार पहिया वाहन उपलब्ध कराया जाता है जिससे वह ग्राम पंचायतों का दौरा, भ्रमण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को देख सके सकें परंतु इनके द्वारा किसी प्रकार का दौरा नहीं किया जाता है, और माप पुस्तिका लागबुक में फर्जी दौरा कार्यक्रम दर्शाया जाता है।


जिम्मेदारों से स्टेटमेंट, वर्जन लेने पर देते हैं एक ही रटा राटा जवाब...


जिले में चल रहे भ्रष्टाचार, अनियमितताएं, गुणवत्ता हीन कार्यों की जानकारी सम्बंधित जिम्मेदार अधिकारियों से वर्जन, स्टेटमेंट लिया जाता है तो उनके द्वारा एक ही। जवाब दिया जाता है की आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है संज्ञान में लिया जाएगा। जांच कराई जाएगी और अनियमितताएं पाई जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। इस "तरह के जवाब दिए जाते। और अपनी जबाबदारी से पलडा झाड़ लेते है क्या जांच हुई किसकी हुई कब हुई ये सब ठंडे बस्ता में रख दिया जाता है और इसकी करना आज जिले में खुलके भ्रष्टाचार हो रहा हैं। 

          वही जब ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना से चल रही नाली निर्माण को लेकर मौके से रेवांचल की टीम ने रोजगार सहायक से कार्य के बारे में जानना चाहा तो उनका कहना था कि मेने केवल 10 लोगों का मस्टर निकाला है और पूरा कार्य मैडम के पति करवा रहा है आप उनसे ही बात करले और आपकी सभी समस्याओं का निदान कर देंगे एक बार मिल ले आप मिल लो आपकी जो समस्या वो सब समाधन कर देंगे क्योंकि काम की पूरी जाबाब दारी उन्होंने ही ली है काम वो ही जनपद से लेकर आये है और उन्ही की रेखदेख में चल रहा है, हाँ निर्माण एजेंसी पंचायत है पर केवल नाम की आप पटैल जी मिल ले आपको सब जानकारी मिल जाएगी में तो अभी बाहर हूँ और कुछ स्वीकृति के बारे में जानना है तो उपयंत्री मैडम से बात कर लीजिये वो कार्य की जानकारी बतला देंगी। वही जब चल रहे नाली निर्माण की जानकारी और गुणवत्ता के सम्बंध में रेवांचल की टीम ने उपयंत्री मैडम दीप्ति उपवंशी से बात करनी चाही तो मेडम ने लगभग चार बार कॉल करने के बाद कॉल रिसीव किया जब मैडम से जैसे ही माधोपुर में चल रहे नाली निर्माण की जानकारी के बारे जानना चाहा मैडम ने सब सुना और सुनने के बाद उनका जबाब था कि हम मीटिंग में है बाद में बात करते है आप पटैल जी से मिल लो वो आपको सब बतला देगें और जो समस्या है आपकी वो हल हो जायेगी इतना कह कर कॉल काट दिया लगातार उनसे वर्जन के हिसाब से बात करना चाहा पर उन्होंने कॉल रिसीब ही नही किया। वही रेवांचल की टीम ग्राम पंचायत पहुँची तो पंचायत खुली थी पर कोई भी नही था पर ठेकेदार पटैल जी वहां पहुँच चुके थे जब टीम ने उनसे से बात हुई तो उन्होंने कहा कि हाँ सही है काम मेरी ही रेखदेख में चल रहा है अच्छा काम चल रहा क्या कमी है बताइए जब उनसे नाली में लग रहे लोहा मटेरियल के सम्बंध में जाना तो उनका कहना था किसी को कोई समस्या नही है और हमारी ग्राम पंचायत में हम अच्छा ही काम करेंगे हमने कहा कि आप मनरेगा में ठेकेदारी कैसे कर सकते निर्माण एजेंसी तो पंचायत तो उनका कहना आज कल कौन सी पंचायत में ठेकेदार काम नही कर रहे सब जनप्रतिनिधियों के ही चहेते है या फिर सरपंच सचिवों के और काम भी तो जिले से लेकर जनपद खर्च कर लाना पड़ता है सब को उनका हिस्सा देना पड़ता है बाबुओं को फ़ाइल का खर्च देना पड़ता है विधायक हो या अधिकारी सबको ऊपर से नीचे तक पैसे बाटना पड़ता है तब जाकर कहि काम मिलता है अगर सरपंच सचिव के भरोसे रहेंगे तो पंचायत में एक भी काम नही होंगे हमें काम करना है तो स्वीकृत करवा कर रहे है और हम सब का ख्याल रखते आपका भी रखेगे अभी राशि नही मिली है सब उधारी से लाकर काम किया जा रहा है आप अपना न हमे दे दे आपका भी जो बनाता है वो मिल जायेगा। इतना कहते हुए निकल पड़े,

          वही जानकारी के अनुसार बिछिया विधानसभा के विधायक नारायण सिंह पट्टा के करीबी माने जाने वाली और कांग्रेस को समर्थन करने वाली जनपद उपाध्यक्ष श्रीमति अनिता पटैल आखिर किस तरह से मनरेगा की योजनाओं में अपने ही पति और बेटे से ठेकेदारी करवा रही है। क्या लोगो ने मैडम को इसीलिए चुना था की जनहित को छोड़ अपने चहेतों से पंचायतों में ठेकेदारी करवा सकें 


  इनका कहना है :.....

     ग्राम पंचायत में जो दो जगह नाली का काम चल रहा है उपाध्यक्ष मैडम के पति ठेकेदार पटैल करवा रहे है और जो नाली बन रही वो ज्यादा दिन तक नही चल पायेगी लोहा को काट कर खुटिया की तरह गाड़ रहे है जाली नही बना रहे है। हम लोगो ने तो कभी कभार ही सरपंच सचिव को आते जाते देखा ही नही।

                                  ग्रामीण 

                           ग्राम पंचायत माधोपुर

 

माधोपुर में जो नाली का निर्माण कार्य चल रहा है वो उपयंत्री की रेखदेख में है आप उनसे बात कर लीजिए अगर आपसे बात नही कर रही तो हम बोल देते ही आपसे बात कर जानकारी बता दे, नाली निर्माण कार्य में लोहा की सी प्रकार से बिछाया जाता है और ऊपर तक जाल बनाई जाती है अगर नही लग रहा है तो हम उपयंत्री के साथ मौके जाकर देख लेते है और तत्काल कार्यवाही करते है मनरेगा में ठेकेदारी नही होती है निर्माण एजेंसी पंचायत है पंचायत ही कार्य करती है और ऐसे कार्य चल रहा तो गलत है हम पहले देख लेते फिर आपसे बात करते हैं।

                             अरविंद गोस्वामी

                 अनुविभागीय अधिकारी जनपद 

                       पंचायत बिछिया मंडला

    ग्राम पंचायत माधोपुर में नाली निर्माण का कार्य हो रहा है। इसमें भारी अनियमितता हो रही है, निर्माण कार्य को ठेका में दिया गया है। माधोपुर के मजदूर पलायन हो रहे हैं, और ठेकेदार के द्वारा मंडला के पास खैरी के लेवर को माधोपुर में लाकर काम कराया जा रहा हैं।

                                    दिग्विजय झा, 

                           पूर्व जनपद सदस्य, माधोपुर

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